

अम्बाला 7 मई 2025 |
अम्बाला शहर में आज शाम 4 बजे अचानक जबरदस्त साइरन की आवाज सुनाई दी, तो कई नागरिकों को पल भर के लिए भ्रम हुआ कि कोई आपात स्थिति उत्पन्न हो गई है। लेकिन जल्द ही प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह सिविल डिफेंस द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल (अभ्यास) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जनता को युद्ध जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना है।
आपात स्थिति से निपटने की तैयारी
इस मॉक ड्रिल का आयोजन जिला प्रशासन, सिविल डिफेंस, पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य था –
नागरिकों को आपातकालीन साइरन की पहचान करवाना,


सुरक्षित स्थानों तक शीघ्र पहुंचने की प्रक्रिया सिखाना,
प्राथमिक उपचार और बचाव कार्यों में भागीदारी सिखाना।
ड्रिल का क्रम इस प्रकार रहा:
शाम 4 बजे चेतावनी साइरन बजाया गया – लगातार एक लंबी ध्वनि, जो आस-पास के इलाकों में लगभग 1.5 मिनट तक गूंजी।
नागरिकों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाया गया – सरकारी स्कूलों, सामुदायिक भवनों और बनाए गए अस्थायी बंकरों में शरण लेने का अभ्यास कराया गया।
रेड क्रॉस और स्वास्थ्य कर्मियों ने प्राथमिक उपचार सिखाया – नकली घायलों को ट्रीट करने और आपात किट के इस्तेमाल का अभ्यास कराया गया।
पुलिस व एनडीआरएफ टीमों ने बचाव और खोज अभियान का प्रदर्शन किया – जिसमें मलबे में फंसे लोगों को निकालना, आग पर काबू पाना और बम निरोधक कार्यवाही शामिल थी।
“ऑल क्लियर” साइरन बजाया गया – जो रुक-रुक कर बजा और संकेत दिया कि खतरा टल गया है।
प्रशासन की अपील
अम्बाला के उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे ऐसे अभ्यासों को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा, “युद्ध या आपदा की स्थिति में जनता की सतर्कता और तैयारियों से बड़ी क्षति को टाला जा सकता है। यह ड्रिल उन्हीं प्रयासों का हिस्सा है।” सिविल डिफेंस विभाग ने बताया कि ऐसे अभ्यास अब नियमित रूप से अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे।
नागरिकों की प्रतिक्रिया
शहर के कई लोगों ने इस पहल की सराहना की। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “साइरन सुनकर घबराहट जरूर हुई, लेकिन बाद में जब पूरी प्रक्रिया समझ में आई तो लगा कि ऐसी तैयारियाँ बहुत ज़रूरी हैं।”
निष्कर्ष:
साइरन केवल खतरे का संकेत नहीं, बल्कि एक चेतावनी होती है – समय रहते सचेत होने की। अम्बाला की मॉक ड्रिल ने यह साबित किया कि यदि नागरिक और प्रशासन मिलकर काम करें, तो किसी भी आपदा या युद्ध की स्थिति का डटकर सामना किया जा सकता है।
