

अम्बाला, 14 जून 2025
धार्मिक आस्था और सेवा भावना के प्रतीक के रूप में मंजी साहिब गुरुद्वारे के आगे जीटी रोड पर लगाई गई एक छबील उस समय एक दर्दनाक हादसे का शिकार बन गई, जब दिल्ली की ओर से तेज़ रफ्तार से आ रहा एक कैंटर अनियंत्रित होकर सीधे छबील में घुस गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर करीब 1:30 बजे के आसपास जब श्रद्धालु गर्मी में लोगों को शीतल जल एवं पेय पदार्थ वितरित कर रहे थे, तभी अचानक एक कैंटर (मालवाहक वाहन) तेज रफ्तार में आया और नियंत्रण खो बैठा। कैंटर सीधा छबील में घुस गया और वहां मौजूद लोगों को रौंदता चला गया।
इस हृदयविदारक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जिसकी पहचान आसीफ पुत्र इदरीस निवासी सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। मृतक छबील में सेवा कर रहा था। इस हादसे में उसके साथ खड़े दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके नाम व पते की पुष्टि अस्पताल में उपचार के दौरान हुई। इसके अलावा कई अन्य लोगों को भी हल्की चोटें आई हैं।
लोगों ने दौड़कर संभाली स्थिति, अस्पताल पहुंचाए घायल
हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और अन्य सेवकों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तुरंत अंबाला सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों में से दो की हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस मौके पर, चालक हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही थाना बलदेव नगर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने कैंटर को मौके पर जब्त कर लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वाहन की रफ्तार काफी अधिक थी और छबील स्थल पर कोई ब्रेक लगाने का प्रयास भी नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों में रोष, प्रशासन से सुरक्षा प्रबंधों की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम होने चाहिए, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। कई सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि छबील स्थलों के पास बैरिकेड्स और चेतावनी संकेत लगाए जाएं, जिससे वाहनों की गति नियंत्रित रहे।
सेवा में जुटे लोग बोले – यह हादसा सेवा भावना पर हमला
छबील में सेवा कर रहे लोगों ने गहरी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि गर्मी में राहगीरों को ठंडा जल और शरबत पिलाने का उद्देश्य लोगों को राहत देना था, लेकिन यह हादसा पूरे वातावरण को ग़मगीन कर गया।
प्रशासन की ओर से नहीं थे सुरक्षा इंतज़ाम?
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जीटी रोड जैसा व्यस्त मार्ग होने के बावजूद छबील स्थल पर कोई ट्रैफिक गाइडेंस या पुलिस की तैनाती नहीं थी, जिससे वाहन बेकाबू होकर सीधे लोगों को कुचलता चला गया।
यह हादसा न केवल एक व्यक्ति की जान लेकर गया, बल्कि सवाल भी खड़े करता है – क्या धार्मिक आयोजनों के दौरान आम जनता की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है?
जांच जारी है और पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
