

अम्बाला 23 दिसंबर 2025: अंबाला में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां बाप–बेटों के पवित्र रिश्ते को तार-तार कर दिया गया। देर रात अंबाला के रहने वाले इंद्रजीत नामक बुजुर्ग व्यक्ति हाईवे किनारे ठंड में ठिठुरते हुए बेहद दयनीय हालत में मिले। राहगीरों की सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और सामाजिक संस्था वंदे मातरम दल को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलते ही वंदे मातरम दल की टीम मौके पर पहुंची और बुजुर्ग को रेस्क्यू कर अंबाला के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया। अस्पताल पहुंचने के बाद जब बुजुर्ग से बातचीत की गई तो एक दर्दनाक सच्चाई सामने आई। इंद्रजीत ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं, लेकिन जब उनके पैरों में गंभीर इन्फेक्शन हो गया और वे चलने-फिरने में असमर्थ हो गए, तो उनके ही बेटों ने उन्हें बोझ समझते हुए घर से बाहर निकाल दिया और हाईवे किनारे छोड़ आए।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि नागरिक अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उनके किसी बेटे या परिजन ने उनकी सुध तक नहीं ली। बुजुर्ग की हालत को देखकर अस्पताल में मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।
इस बारे में जानकारी देते हुए वंदे मातरम दल के सदस्य भरत ने बताया कि देर रात डायल 112 से सूचना मिली थी कि हाईवे किनारे एक बुजुर्ग व्यक्ति बेहद खराब हालत में पड़ा हुआ है। टीम तुरंत मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि टीम बुजुर्ग के बेटों और परिजनों का पता लगाने में जुटी हुई है।
वंदे मातरम दल की ओर से इंद्रजीत के परिजनों से अपील की गई है कि वे आगे आएं और अपने पिता की जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग माता-पिता की सेवा करना हर संतान का नैतिक और कानूनी दायित्व है।
यह मामला न सिर्फ पारिवारिक मूल्यों पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि समाज को भी यह सोचने पर मजबूर करता है कि आधुनिकता की दौड़ में इंसान अपने रिश्तों से कितना दूर होता जा रहा है।
