
• सरकारी संस्थान में सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
• पहले भी आरोपित व्यक्ति को नौकरी कैसे मिली – चित्रा सरवारा का सवाल
• निष्पक्ष जांच की मांग, राजनीतिक संरक्षण की भी जांच हो: चित्रा सरवारा
अंबाला छावनी, 31 दिसंबर 2025: अंबाला छावनी के सिविल अस्पताल में नाबालिग बच्ची के साथ कथित अभद्रता के प्रकरण ने जिले ही नहीं, पूरे स्वास्थ्य तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस मामले में युवा नेत्री चित्रा सरवारा ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि प्रशासनिक और व्यवस्थागत विफलता का गंभीर उदाहरण है।
चित्रा सरवारा ने कहा कि जिस सिविल अस्पताल में लोग इलाज और भरोसे के साथ पहुंचते हैं, वहीं यदि बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लगने लगें, तो यह पूरे सिस्टम की बड़ी चूक को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति पर पहले भी यौन शोषण के गंभीर आरोप लग चुके थे, उसे अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में नौकरी कैसे दी गई? किस स्तर पर पृष्ठभूमि जांच में ढिलाई हुई और किसके संरक्षण में वह यहां तैनात रहा—इसकी जांच आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि शहर में इस बात की चर्चा है कि आरोपी को कथित राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। यदि ऐसा है तो इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। सरवारा ने स्पष्ट कहा कि केवल आरोपी की गिरफ्तारी से बात पूरी नहीं होती, बल्कि उसकी नियुक्ति प्रक्रिया, निगरानी तंत्र और प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक परिवार का दर्द नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। यदि इस मामले में सख्त कार्रवाई और गहन जांच नहीं हुई तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर किए गए सरकारी दावे इसी मामले की जांच से परखे जाएंगे और यही सरकार का असली इम्तिहान है।
क्या है मामला? (घटना का संक्षिप्त विवरण)
सिविल अस्पताल, अंबाला छावनी में एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आया। बच्ची अस्पताल में जांच के लिए पहुंची थी, इसी दौरान अस्पताल के एक कर्मचारी पर उसके साथ गलत व्यवहार और अनुचित हरकत करने का आरोप लगा। घटना सामने आते ही परिजनों ने आपत्ति जताई और मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों व पुलिस तक पहुंची।
आरोपी अस्पताल का कर्मचारी बताया जा रहा है, जिस पर पहले भी ऐसे आरोप लगने की बात चर्चाओं में है। मामला सामने आने के बाद आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है, वहीं अस्पताल प्रशासन और सरकार पर भी जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ गया है।

🔲 चित्रा सरवारा की मुख्य मांगें
• आरोपी की निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई
• आरोपी की नियुक्ति प्रक्रिया की जांच
• राजनीतिक संरक्षण के आरोपों की जांच
• सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा और सख्त पालन
• जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए
