अंबाला मण्डल के तीनों जिलों में अपराध नियंत्रण, सड़क सुरक्षा व आर्थिक अपराधों पर फोकस, जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश

अंबाला, 21 जनवरी 2026:
अपराध नियंत्रण एवं जनसुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज पुलिस महानिरीक्षक, अंबाला मण्डल श्री पंकज नैन, आईपीएस की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन कार्यालय अंबाला मण्डल में किया गया।
बैठक में अंबाला, यमुनानगर एवं कुरुक्षेत्र जिलों के पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे। इस दौरान अपराध नियंत्रण, आर्थिक अपराध, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा आमजन की सुरक्षा को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।
पुलिस महानिरीक्षक पंकज नैन ने कहा कि जनसुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आमजन से बेहतर संवाद और समन्वय स्थापित कर पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश:
- लंबित एवं अनट्रेस्ड जघन्य अपराध मामलों की गहन समीक्षा कर शीघ्र खुलासा सुनिश्चित किया जाए।
- सार्वजनिक स्थलों पर खुलेआम शराब सेवन, जुआ एवं अन्य अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखते हुए नियमित छापेमारी की जाए।
- होटल, गेस्ट हाउस व धर्मशालाओं में ठहरने वाले व्यक्तियों का अनिवार्य सत्यापन सुनिश्चित किया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही हो।
- मोटर वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं एवं चोरी हुए वाहनों की शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित की जाए।
- Under Investigation मामलों की प्राथमिकता के आधार पर नियमित समीक्षा कर समयबद्ध निपटान किया जाए।
- गुंडा तत्वों, बदमाशों व असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाते हुए निगरानी व पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए।
- सभी धार्मिक स्थलों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगवाकर उनकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
- बैठक के दौरान माननीय पुलिस महानिरीक्षक महोदय द्वारा लंबित एवं अनट्रेस्ड जघन्य अपराध मामलों की गहन समीक्षा की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सभी मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्यावाही करते हुए शीघ्र खुलासा सुनिश्चित किया जाए, ताकि अपराधियों को कानून के कटघरे में लाया जा सके और जनसुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
- 2 सार्वजनिक स्थलों पर खुलेआम शराब सेवन एवं जुआ जैसी आपराधिक गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाए। संबंधित स्थानों की पहचान कर ऐसे अड्डों पर नियमित छापेमारी और कड़ी कार्यावाही की जाए। सुनिश्चित किया जाए कि इन गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोरतम कार्यावाही की जाए और ऐसे अड्डों को पूरी तरह समाप्त कर आमजन में सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था की भावना मजबूत बनाई जाए।
- होटल/गेस्ट हाउस सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा सभी होटल/गेस्ट हाउस एवं धर्मशालाओं में ठहरने वाले व्यक्तियों के सत्यापन को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
संबंधित संचालकों को नियमों के प्रति जागरूक करते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन से पालन कराया जाए तथा उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्यावाही की जाए। - मोटर वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने हेतु विशेष अभियान चलाए जाएं। ऐसे अभियानों के तहत चोरी की घटनाओं में संलिप्त आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्यावाही की जाए तथा चोरी हुए वाहनों की शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित करते हुए इस प्रकार की आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाए।
- Under Investigation मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनकी नियमित समीक्षा की जाए तथा प्रत्येक मामले में समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यावाही सुनिश्चित की जाए। लंबित मामलों के शीघ्र निपटान हेतु जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए प्रगति की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए, ताकि ऐसे मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
- गुंडा तत्वों, बदमाशों एवं अन्य असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़े और प्रभावी कानूनी कदम उठाए जाएं। ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध त्वरित कार्यावाही सुनिश्चित की जाए, ताकि उनके अपराधजन्य कृत्यों को रोका जा सके। संबंधित क्षेत्रों में निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए तथा आमजन में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ बनाए रखने हेतु सतत प्रयास किए जाएं।
- बैठक के दौरान माननीय पुलिस महानिरीक्षक महोदय द्वारा निर्देश दिए गए कि जिले के अंतर्गत आने वाली सभी धार्मिक संस्थाओं एवं धार्मिक स्थलों के प्रबंधन से समन्वय एवं संवाद स्थापित करके पर्याप्त संख्या में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे स्थापित करवाए जाएँ। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सीसीटीवी निगरानी प्रणाली को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी एवं त्वरित आवश्यक कार्यावाही सुनिश्चित की जा सके तथा कानून-व्यवस्था एवं जनसुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके
आईजी ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस को सतर्क, सक्रिय और जवाबदेह रहना होगा, ताकि आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सके।
