मंडल आयुक्त ने डीसी, डीएमसी व ईओ नगर परिषद को कार्रवाई के निर्देश दिए

अम्बाला। 29 जनवरी 2026:
अम्बाला कैंट क्षेत्र के चौक-चौराहों, गली-मोहल्लों में लगे नगर परिषद के साइन-बोर्डों पर “वार्ड पार्षद” शब्द के प्रयोग को लेकर एक बार फिर मामला गरमा गया है। इस संबंध में अम्बाला मंडल के आयुक्त संजीव वर्मा, आईएएस ने ताज़ा संज्ञान लेते हुए जिले के उपायुक्त अजय सिंह तोमर, नगर निगम आयुक्त एवं जिला म्युनिसिपल कमिश्नर वीरेंद्र लाठर तथा अम्बाला सदर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल को पत्र भेजकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई शहर निवासी एवं हाईकोर्ट एडवोकेट हेमंत कुमार द्वारा 27 जनवरी को भेजे गए ज्ञापन के आधार पर की गई है। मंडल आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई के उपरांत प्रार्थी को भी अवगत कराया जाए।
हेमंत कुमार ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि अम्बाला सदर नगर परिषद की आधिकारिक वेबसाइट तथा नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले सभी 32 वार्डों में लगे साइन-बोर्डों पर निर्वाचित प्रतिनिधियों के नाम के साथ “पार्षद (काउंसलर)” शब्द का प्रयोग किया जा रहा है, जबकि हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। अधिनियम की धारा 2(14-ए) में निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए केवल “सदस्य (मेंबर)” शब्द का ही उल्लेख किया गया है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा नगरपालिका निर्वाचन नियमावली, 1978 के अंतर्गत निर्वाचन पश्चात रिटर्निंग अधिकारी द्वारा जारी किए जाने वाले निर्वाचन प्रमाण-पत्र में भी “सदस्य” शब्द का ही प्रयोग होता है। इसके अतिरिक्त, हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा धारा 24(2) के तहत सरकारी गजट में प्रकाशित अधिसूचनाओं में भी निर्वाचित प्रतिनिधियों को “सदस्य” ही दर्शाया जाता है।
हेमंत कुमार ने अपने ज्ञापन के साथ 20 मार्च 2025 को हरियाणा सरकार के गजट में प्रकाशित अधिसूचना की प्रति भी संलग्न की, जिसमें अम्बाला सदर नगर परिषद के सभी 32 वार्डों से निर्वाचित प्रतिनिधियों को “सदस्य” के रूप में अधिसूचित किया गया है, न कि पार्षद के रूप में।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 25 मार्च 2025 को पंचकूला में आयोजित प्रदेश स्तरीय शपथ ग्रहण समारोह में भी सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को “सदस्य, नगर परिषद” पद की शपथ दिलाई गई थी।
हेमंत कुमार का कहना है कि भले ही देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नगर निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए “पार्षद” शब्द का प्रयोग होता हो, लेकिन हरियाणा में यह कानूनन वैध नहीं है, क्योंकि राज्य के नगर निकाय कानून में यह शब्द शामिल नहीं किया गया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हाल ही में दिसंबर 2025 में विधानसभा द्वारा पारित हरियाणा नगर निकाय विधेयक, 2025 — जो शीघ्र ही अधिनियम का रूप लेगा — उसमें भी निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए “सदस्य” शब्द का ही प्रयोग किया गया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में भी इसी मुद्दे को हेमंत कुमार द्वारा उठाए जाने पर तत्कालीन नगर निगम आयुक्त वीरेंद्र लाठर ने कार्रवाई करते हुए अम्बाला शहर में लगे सभी बोर्डों से “पार्षद” शब्द हटवाकर “सदस्य” शब्द अंकित करवाया था।
अब एक बार फिर मंडल आयुक्त के निर्देशों के बाद अम्बाला सदर नगर परिषद क्षेत्र में लगे साइन-बोर्डों में संशोधन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
