

अंबाला छावनी।
सपेडा रिंग रोड निर्माण से प्रभावित किसानों के धरने के बीच मंगलवार को प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसान नेताओं से वार्ता की। हरियाणा किसान यूनियन (भाकियू) चढ़ूनी गुट के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में किसानों ने रिंग रोड पर कट और एंट्री पॉइंट बंद किए जाने का विरोध किया।
किसानों का कहना है कि रिंग रोड बनने से सपेड़ा गांव समेत 20 से अधिक गांवों की हाईवे से सीधी एंट्री बंद हो गई है, जिससे उन्हें खेतों और बाजार तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर भाकियू चढ़ूनी गुट ने सपेरा रिंग रोड पर धरना शुरू किया था।
धरना स्थल पर एनएचएआई मैनेजर विशाल केसरवानी, थाना प्रभारी जितेंद्र ढिल्लों और डीएसपी रमेश कुमार पहुंचे। अधिकारियों ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी, मलकीत सिंह व अन्य पदाधिकारियों से बातचीत कर रिंग रोड पर कट और एंट्री पॉइंट बहाल करने का आश्वासन दिया।
किसान नेताओं ने पूर्व आंदोलनों में वादाखिलाफी का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि यदि आश्वासन तय समय में पूरा नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि “हाईवे पर गांवों की एंट्री बहाल करना किसानों का हक है, यदि ऐसा नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।”
मलकीत सिंह सहित अन्य नेताओं ने जमीन अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई। अधिकारियों ने बताया कि 8 से 10 दिनों के भीतर प्रस्ताव को स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
बातचीत के बाद फिलहाल धरना जारी है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि मांगें मान ली जाती हैं तो धरना समाप्त किया जा सकता है, अन्यथा रिंग रोड निर्माण कार्य रुकवाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। यह मामला हरियाणा में रिंग रोड परियोजनाओं को लेकर उठ रहे विवादों की एक और कड़ी बनता जा रहा है।
