
अम्बाला 8 दिसंबर 2025: आर्य कॉलेज, अंबाला छावनी के प्रांगण में हेल्थ सेंटर सैल की ओर से एच.आई.वी एड्स-डे पर शपथ व जागरूकता समारोह का आयोजन किया गया। इस वर्ष 2025 के थीम ‘‘व्यवधान से उबरना’’ एड्स के विरुद्ध कार्रवाई में रूपांतरकारी बदलाव लाना था। विश्व भर में यह दिवस 1 दिसंबर को मनाया जाता है यह दिन एच.आई.वी एड्स के बारे में जागरूकता फैलाने, मिथकों को दूर करने, प्रभावित व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति बढ़ाने और वैश्विक एकता का संदेश देने के लिए समर्पित है। इस दिवस की शुरुआत 1988 में विश्व स्वास्थ्य संगठन और संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई थी। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर (डॉ.) अंजु बाला ने कहा कि यह ऐसी अवस्था है जो एच.आई.वी वायरस के कारण होती है, यह व्यस्क शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है जिससे शरीर सामान्य बीमारियों से भी नहीं लड़ पाता। उन्होंने कहा कि एचआईवी एड्स के खिलाफ लड़ाई में समाज को हर वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। डॉक्टर रेखा ने कहा कि एचआईवी एड्स और सिर्फ स्वास्थ्य समस्या ही नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी विषय है। जागरूकता, सुरक्षित व्यवहार और समय पर उपचार से इसके खतरे का काफी हद तक कम किया जा सकता है। डॉक्टर सरिता ने कहा कि यदि एचआईवी एड्स के लिए समाज, सरकार और स्वास्थ्य संगठन एक साथ मिलकर कार्य करें तो एचआईवी एड्स मुक्त दुनिया का लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जागरूकता के लिए शपथ दिलाई गई। इस आयोजन में स्टाफ के सभी सदस्य शामिल हुए।
