
अंबाला,
कांग्रेस द्वारा मनरेगा को लेकर किए जा रहे विरोध और GRAMG (ग्रामीण रोजगार एवं विकास योजना) पर उठाए जा रहे सवालों पर हरियाणा के पूर्व शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुज्जर ने अंबाला में प्रेस वार्ता कर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस कानून में कोई ठोस खामी नजर नहीं आ रही, इसलिए वह केवल विरोध की राजनीति कर रही है।
कंवरपाल गुज्जर ने कहा कि GRAMG कोई नई योजना नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत भाजपा सरकार के कार्यकाल में ही हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस भी पहले इस योजना में सुधार की बात करती रही है, लेकिन जब भाजपा सरकार ने खामियों को दूर कर इसे अधिक पारदर्शी बनाया, तो कांग्रेस इसका विरोध करने लगी।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि पहले इस योजना में कई तकनीकी खामियां और भ्रष्टाचार मौजूद था, जिसे भाजपा सरकार ने गंभीरता से लेते हुए समाप्त किया है। उन्होंने कहा कि अब इस योजना के अंतर्गत होने वाले कार्यों का निर्णय पूरी तरह ग्राम पंचायत करेगी, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्य हो सकेंगे।
उन्होंने आगे बताया कि GRAMG में किए गए बदलावों के बाद मजदूरों को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इसके बावजूद कांग्रेस द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है, जो उसकी नकारात्मक राजनीति को दर्शाता है।
कंवरपाल गुज्जर ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास रहा है कि वह हर सकारात्मक कदम का विरोध करती है। “कांग्रेस केवल विरोध के लिए विरोध करती है, उसके पास न कोई ठोस तर्क है और न ही जनता के हित में कोई वैकल्पिक सुझाव,” उन्होंने कहा।
