

अम्बाला 24 जनवरी 2026: दयाल बाग क्षेत्र के वार्ड नंबर 8 में सड़कों की बदहाली ने स्थानीय निवासियों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। क्षेत्र की मुख्य और आंतरिक सड़कें इस कदर जर्जर हो चुकी हैं कि पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। पिछले लगभग एक वर्ष से लोग इन टूटी-फूटी सड़कों पर फिसलकर गिर रहे हैं, जिससे कई नागरिक घायल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे बैठे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे बन जाते हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाने से सड़क और गड्ढों में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों, बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
निवासियों का आरोप है कि पिछले वर्ष बरसात के दौरान भी यही स्थिति बनी रही थी। उस समय भी कई दिनों तक सड़क पर कीचड़, जलभराव और फिसलन से लोग परेशान रहे। तब प्रशासन और नगर निगम को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। केवल अस्थायी मरम्मत या आश्वासन देकर मामले को टाल दिया गया।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं के बावजूद प्रशासन की ओर से न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाए गए और न ही सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। इससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। नागरिकों का सवाल है कि जब जनप्रतिनिधि और प्रशासन जनता की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान नहीं देंगे, तो आम आदमी आखिर अपनी फरियाद किसके सामने रखे?

