

अंबाला छावनी। 24 जनवरी 2024:
ब्राह्मण संगठन भगवान परशुराम भवन, 155 गांधी मार्केट, अंबाला छावनी में बसंत पंचमी का पावन पर्व श्रद्धा, आस्था एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ मां गायत्री, मां सरस्वती एवं भगवान परशुराम के वैदिक मंत्रोच्चारण द्वारा किया गया।
उत्सव के मुख्य यजमान श्री सतीश मोदगिल एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती नरेश मोदगिल रहे। प्रसिद्ध पंडित दीप लाल जयपुरी द्वारा विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ हवन-यज्ञ संपन्न कराया गया। संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर मां सरस्वती का आवाहन किया।
इस अवसर पर संगठन के चेयरमैन नीलम शर्मा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर आशीर्वाद की कामना की। उन्होंने कहा कि मां सरस्वती छात्र-छात्राओं को ज्ञान, विवेक एवं सफलता का वरदान प्रदान करें। साथ ही उन्होंने संगठन द्वारा पूर्व की भांति सामाजिक जागरूकता अभियानों—नशा मुक्ति, जल संरक्षण, प्राकृतिक सौंदर्यकरण, प्राथमिक चिकित्सा, आध्यात्मिक ज्ञान तथा यातायात नियमों के प्रति जागरूकता—को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
संगठन के प्रधान रमेश शर्मा ने कहा कि बसंत पंचमी हर्ष, उल्लास और नवचेतना का पर्व है। इस समय से शीत ऋतु का प्रभाव कम होने लगता है और प्रकृति नवजीवन से भर उठती है। महासचिव अवतार नाथ शर्मा ने बताया कि शास्त्रों एवं पुराणों में बसंत पंचमी का विशेष महत्व वर्णित है और इसे मां सरस्वती के सृजन दिवस के रूप में मनाया जाता है।
वरिष्ठ उपप्रधान दीपक शर्मा ने कहा कि इस दिन सुषुम्ना नाड़ी जागृत होती है, जिसका रंग पीला माना गया है तथा इसमें मां गायत्री का वास होता है। कोषाध्यक्ष प्रवीन शर्मा ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन ध्यान करने से मां गायत्री दैहिक, दैविक एवं आध्यात्मिक सुख प्रदान करती हैं।
युवा अध्यक्ष हिमांशु पुंज ने “एक रहो, नेक रहो” का संदेश देते हुए समाज में आपसी भाईचारे एवं एकता बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में चेयरमैन नीलम शर्मा, राजेंद्र कौशिक (चेयरमैन, श्री परशुराम ब्राह्मण सभा अंबाला), प्रधान रमेश शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान दीपक शर्मा, उपप्रधान सतीश मोदगिल, महासचिव अवतार नाथ शर्मा, कोषाध्यक्ष प्रवीन शर्मा, संयुक्त सचिव सतीश भारद्वाज, विशाल शर्मा, मीडिया प्रभारी देवदत्त शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
