


अम्बाला 5 मई 2025: आर्य गर्ल्ज कॉलेज, अम्बाला छावनी के पुस्तकालय द्वारा विश्व प्रैस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्टाफ सदस्यों के लिए विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य पत्रकारिता के मूल्यों, नैतिकता और समाज में इनकी भूमिका पर प्रकाश डालना था। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनुपमा आर्य द्वारा विश्व प्रैस स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किया गया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विश्व प्रैस स्वतंत्रता दिवस हर वर्ष 3 मई को मनाया जाता है ताकि पत्रकारिता की आजादी और निष्पक्ष मीडिया की अहमियत को समझा जा सके। हर साल इसे एक थीम के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष का थीम ‘‘साहसी नए युग में रिर्पोटिंग: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रैस स्वतंत्रता पर प्रभाव’’ है। यह दिन उन पत्रकारों को याद करने और सम्मानित करने का दिन भी है जिन्होंने अपने कर्त्तव्य का पालन करते हुए जान गंवाई। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र प्रैस लोकतंत्र की रीढ़ है। पत्रकार और मीडिया वह पुल है जो जनता को सच से जोड़ते हैं। एक निडर कलम से ही समाज बदलता है। उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ बताया और पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को विश्व प्रैस स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी।
इसके पश्चात् इस कार्यक्रम में प्रैस स्वतंत्रता दिवस पर एक प्रेरणादायक डाक्यूमेंटरी दिखाई गई। इसके बाद एक रचनात्मक लेखन गतिविधि का आयोजन किया गया जिसमें स्टाफ सदस्यों को काल्पनिक कॉलेज इवेंट की न्यूज रिपोर्ट या प्रैस नोट तैयार करने कार्य सौंपा गया और एक विचार सत्र भी आयोजित किया गया जिसमें स्टाफ सदस्यों ने पत्रकारिता के वर्तमान परिदृश्य पर अपने विचार सांझा किए।
पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. प्रिया शर्मा ने अपने विचार सांझा करते हुए कहा कि आज के समय में जब सूचना की बाढ़ है जहां सूचना क्षणों में फैलती है वहां प्रैस की भूमिका और भी जिम्मेदार बन जाती है। इस दिन का उद्देश्य यह भी है कि हम फर्जी खबरों से सावधान रहे और निष्पक्ष और सच्ची पत्रकारिता का समर्थन करें। पुस्तकों की तरह प्रैस भी ज्ञान का स्रोत है और स्वतंत्र पत्रकारिता हमें सोचने, समझने और निर्णय लेने की शक्ति देती है। डॉ. अमनदीप मक्कड़, पी.आर.ओ. द्वारा विश्व प्रैस स्वतंत्रता दिवस पर अपने विचार प्रकट करते हुए बताया कि डिजिटल युग में जब हर कोई खबर बना सकता है तब स्वतंत्र और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता की भूमिका और भी बढ़ जाती है।
प्रैस समाज का आईना है जब यह आईना स्वतंत्र और स्पष्ट होता है तब समाज अपनी सच्ची तस्वीर देख सकता है। इसलिए प्रैस की स्वतंत्रता का होना अति आवश्यक है। अंत में पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करने वाले पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई जिन्होंने अपने कर्त्तव्य पालन के दौरान प्राण गंवाए। समस्त स्टाफ सदस्यों ने इस कार्यक्रम के आयोजन की सराहना करते हुए इसे ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया। इस कार्यक्रम में सभी स्टाफ सदस्य सम्मिलित हुए।
