

अंबाला/शहजादपुर, 2 जुलाई:
पंचायत की जमीन से अवैध कब्जा न हटाने से नाराज माजरा गांव की महिला सरपंच नेहा शर्मा ने मंगलवार को आत्मदाह करने की कोशिश की। जैसे ही वह शहजादपुर के त्रिवेणी चौक पहुंचीं, मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। घटना के दौरान सरपंच समर्थकों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी देखने को मिली। नेहा शर्मा के साथ मौजूद कुछ अन्य लोगों को भी पुलिस ने पकड़ा है। सभी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, सरपंच नेहा शर्मा पिछले कई दिनों से पंचायत की जमीन से कब्जा हटवाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखती आ रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि तमाम शिकायतों और प्रस्ताव पास करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
सरपंच का कहना है कि 24 जून को कब्जा हटाने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति हुई थी। पुलिस बल के साथ अधिकारी गांव भी पहुंचे, लेकिन बिना कार्रवाई किए लौट आए। उन्होंने 26 जून को एक शपथ-पत्र (एफिडेविट) भी प्रशासन को सौंपा, जिसमें लिखा गया कि कब्जाधारियों के पास कोई कोर्ट का स्टे नहीं है, फिर भी प्रशासन ने कब्जा नहीं हटाया।
सरपंच ने इस पूरे घटनाक्रम को अपनी प्रतिष्ठा पर आंच बताते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इसी क्रम में मंगलवार को उन्होंने गांव में रैली निकाली और बुधवार सुबह आत्मदाह के इरादे से घर से निकल पड़ीं। इससे पहले कि वह खुद को आग लगातीं, पुलिस ने मौके पर उन्हें काबू कर लिया।


गौरतलब है कि अंबाला के डीसी अजय सिंह तोमर ने मंगलवार देर रात नेहा शर्मा को सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और आत्मदाह की धमकी देने के आरोप में सस्पेंड कर दिया था। इसी निलंबन के विरोध में उन्होंने बुधवार सुबह गांव में प्रदर्शन भी किया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और नेहा शर्मा को कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं, इस प्रकरण ने प्रशासनिक संवेदनशीलता और स्थानीय स्तर पर सरकारी जमीनों पर कब्जे जैसे गंभीर मुद्दों को फिर से उजागर कर दिया है।
मुख्य बिंदु:
- पंचायत जमीन से कब्जा नहीं हटने से सरपंच नेहा शर्मा ने उठाया आत्मदाह का कदम
- शहजादपुर त्रिवेणी चौक पर खुद को आग लगाने की कोशिश, पुलिस ने रोका
- समर्थकों और पुलिस में झड़प, कई लोग हिरासत में
- डीसी ने मंगलवार रात किया था निलंबित
- प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल, सरपंच ने एफिडेविट तक दिया था
