
पंजाब का संघीय ढांचें में कोई विश्वास नहीं है: जगमाल सिंह रोलौं
दिल्ली और हरियाणा की जनता को सबक सिखाने के लिए भगवंत मान ने यह प्रोपेगेंडा रचा है: शीशपाल जंधेड़ी
एसवाईएल के उपर 2002, 2004 और 2016 में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय जो हरियाणा के पक्ष में आए उन्हें भी आज तक लागू नहीं किया है
हम हरियाणा प्रदेश की जनता की रखवाली के लिए सभी मतभेद भुलाकर हरियाणा सरकार के साथ खड़े हैं, परंतु हरियाणा सरकार हरियाणा की जनता की ठोस लड़ाई लड़े और ठोस कदम उठाए
अम्बाला, ,5 मई। हरियाणा को पंजाब द्वारा भाखड़ा का पूरा पानी न देने पर इनेलो प्रधान महासचिव प्रकाश भारती, जिलाध्यक्ष जगमाल सिंह रोलौं व जनरल सेक्रेटरी शीशपाल जंधेड़ी की मौजूदगी में इनेलो पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर उपायुक्त अम्बाला को प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. भारती ने बताया पंजाब का संघीय ढांचे में कोई विश्वास नहीं है। हरियाणा के पानी के उपर अनेकों एग्रीमेंट हुए हैं लेेकिन उन सभी को पंजाब ने नामंजूर किया है। एसवाईएल के उपर 2002, 2004 और 2016 में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय जो हरियाणा के पक्ष में आए उन्हें भी आज तक लागू नहीं किया है। हमने इस बात की भी आलोचना की कि जिस तरह से भाखड़ा डैम के उपर पुलिस लगाई गई और मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों ने जाकर यह प्रदर्शित किया कि वो हरियाणा को पानी नहीं देंगे। हम हरियाणा प्रदेश की जनता की रखवाली के लिए सभी मतभेद भुलाकर हरियाणा सरकार के साथ खड़े हैं। परंतु हरियाणा सरकार हरियाणा की जनता की ठोस लड़ाई लड़े और ठोस कदम उठाए।भाखड़ा का पानी का हरियाणा का हिस्सा जो 9 हजार क्यूसेक है वो हमें मिले जिससे दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की प्यासी जमीन और प्यासे लोगों की प्यास बूझ सके। भगवंत मान का यह राजनीतिक स्टंट है और पंजाब की जनता को खुश करने का प्रपंच है। क्योंकि आप पार्टी की सरकार दिल्ली से चली गई और हरियाणा में इन्हें कुछ मिला नहीं। दिल्ली और हरियाणा की जनता को सबक सिखाने के लिए भगवंत मान ने यह प्रोपेगेंडा रचा है। परंतु हम हरियाणा प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे निरंतर लड़ते रहेंगे . इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य तेजपाल पतरेहड़ी, हल्का अध्यक्ष चरनजीत सिंह मोहड़ी, अंकुर चौधरी, लक्की नगोली, जंगवीर राणा, महिला जिलाध्यक्ष रीटा केसरी,जसविंदर सकराहों, अवतार सिंह शेरगिल , इकबाल बाजवा,इंद्रजीत सिंह बलाना, निर्मल सिंह लौटां, चतन नग्गल, पुरषोत्तम शर्मा, जसबीर जलबेड़ा, सतिंदरपाल , भोला जलबेड़ा, गुरजीत शर्मा, बलजीत भानोखेड़ी, बहादुर सिंह, परमजीत बलाना, जीत धुरकड़ा, कृष्ण राणा, अमरजीत धुरकड़ा, सुरिंदर कलावड़, बृजभूषण पूंडीर, रवि पाल , कुलजीत सिंह, शमशेर सिंह, परमजीत सिंह, चरणजीत सिंह, सूभाष थमबड़, सुखदेव सिंह, सुरेंद्र घसीटपुर, गोरव शर्मा, हरबंस सिंह, गुरजैंट सिंह, राकेश कुमार, राजेश रतनहेड़ी, तारा रछेड़ी, बलबीर शाहपुर, गुरदीप, ओमप्रकाश, अकरम खान, मौसीम खान, समरीत, विजय हरबोन, रजत , जगदीश बुड्ढाखेड़ा, बंटू , एडवोकेट मनजीत सिंह, संपत, विशाल , सूभाष पाल , बलदीप सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
